Sunday, 10 August 2014

एक भाई का प्यार ..उसकी कलम से ..



कभी रूठी तू ..तो कभी मुझको मनाया ..

 कभी गुस्सा हुआ मैं, तो तूने मुझको समझाया ||

 कभी पापा की डांटने का मतलब समझाया ..
 कभी माँ के ज्यादा प्यार पर तूने गुस्सा दिखाया ||

 अपनी चॉकलेट का ज्यादा वाला हिस्सा दिया ..
 तो कभी स्कूल के टीचर के मार को घर वालों से छुपाया ||

 देर हुई घर आने में तो रातों को घर का दरवाज़ा खोला
 अगली बार टाइम से आना , ये वादा करवाना ||

 इशारों -इशारों में दिलों की बातों को समझकर
 कभी कोई बहाना बनाकर मुझे घर से भगाना ..||

 बर्थ-दे आने पर मेरे लिए अपने हाथों से केक बनाना
 बर्थ-डे पर अपने राजा भैया के लिए सेल्फ मेड गिफ्ट देना ||

 एक तरफ पापा का गुस्सा, म्मा का प्यार ..
तो दूजी तरफ मेरी बहना का गुस्सा-प्यार-दुलार-डांट-फटकार ||

इस राखी पर अपनी बहना को ..
मेरी कलम से रांखी का ये उपहार ..|| 

#LOVE YOU DIDI ..!! 

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