Monday, 11 August 2014

दोर्पदी के चित्कार



बहन कर्णावती पुकारेगी तो, हुमाॅयू बनने की कसम खा ली आज? ?


लेकिन, दोर्पदी के चित्कार का, क्या जवाब दोगे ??


आज गोविन्द नही है इस काल का और दु:शासन की फौज खडी है !!


और बेटी की ईज्जत आज भी बदायूॅ जिले (UP) के पेड पर टन्गी है ।।

तेरे नाम की स्याही ..!!

झटक कर वो अक्सर,अपने बाल बिखेर देती हैं ..

मुस्कुराती है इस कदर की, हया की रौशनी बिखेर देती है ..


बात न करू उस से तो, अक्सर मेरा ध्यान बिखेर देती है ..

जो लिखू कुछ और तो अक्सर अपने नाम की स्याही बिखेर देती है..


....
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Sunday, 10 August 2014

अपने कॉलेज की धूप भी अच्छी लगती थी 
आज यहाँ ac में भी आराम नहीं है ..

वहां कॉलेज की घास पर बैठना अच्छा लगता था 
यहाँ चेयर पर भी चैन नहीं हैं ..

कैंटीन के समोसे बटवारे वाले स्वादिष्ट थे 
यहाँ के बर्गर में भी स्वाद नहीं है 

तेरे साथ गल्ले की चाय भी बड़ी मीठी लगती थी 
यहाँ कैपाचिन्नो में भी मिठास नहीं हैं ..

वहां के जीन्स में जो मस्ती थी 
यहाँ फॉर्मल में भी आराम नहीं है ..

वहां बंद कमरे में लैपटॉप से जो हँसी गूंजती थी 
आज इस टेबल के पी.सी. पर हंसने लायक कोई चीज नहीं है ..

वार्डन और फेकेल्टी से लड़ते वक्त ये भी नहीं पता था की
यहाँ बॉस के सामने कुछ बोल नहीं पायेगे ??

वहां छुट्टियों का टिकट होता था ..
आज ये भी नहीं पता की घर कब जाना हैं ??

सुबह का वो मेसेज "आज नहीं जाते है यार .."
यहाँ "09:30 whre r u ?" में बदल गया है

साला जिस हस्ती को पूरा कॉलेज जानता था
वो यहाँ एक केबिन में सिमट सा गया है ..

वो एग्जाम की " एक लाइन बता दे यार ..??
साला आज वो गूगल सर्च पर भी नहीं मिलता है ..

पहले जिनसे घंटों बैठ कर बातें करते थे ..
आज मिनटों बात करने का वक़्त नहीं है ..

...
दोस्तों याद रखना ..अपनी भाइयों वाली दोस्ती ..
missing u ol.. 

एक भाई का प्यार ..उसकी कलम से ..



कभी रूठी तू ..तो कभी मुझको मनाया ..

 कभी गुस्सा हुआ मैं, तो तूने मुझको समझाया ||

 कभी पापा की डांटने का मतलब समझाया ..
 कभी माँ के ज्यादा प्यार पर तूने गुस्सा दिखाया ||

 अपनी चॉकलेट का ज्यादा वाला हिस्सा दिया ..
 तो कभी स्कूल के टीचर के मार को घर वालों से छुपाया ||

 देर हुई घर आने में तो रातों को घर का दरवाज़ा खोला
 अगली बार टाइम से आना , ये वादा करवाना ||

 इशारों -इशारों में दिलों की बातों को समझकर
 कभी कोई बहाना बनाकर मुझे घर से भगाना ..||

 बर्थ-दे आने पर मेरे लिए अपने हाथों से केक बनाना
 बर्थ-डे पर अपने राजा भैया के लिए सेल्फ मेड गिफ्ट देना ||

 एक तरफ पापा का गुस्सा, म्मा का प्यार ..
तो दूजी तरफ मेरी बहना का गुस्सा-प्यार-दुलार-डांट-फटकार ||

इस राखी पर अपनी बहना को ..
मेरी कलम से रांखी का ये उपहार ..|| 

#LOVE YOU DIDI ..!!